विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी अजय पाठक ने कैंसर के बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि भारत में कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और वर्तमान में प्रति एक लाख की आबादी पर लगभग 100 कैंसर मरीज सामने आ रहे हैं। सीएमओ के अनुसार देश में ओरल, ब्रेस्ट, सर्वाइकल और इसोफेजियल कैंसर सबसे अधिक पाए जा रहे हैं, जिनके पीछे बदलती जीवनशैली, प्रोसेस्ड फूड और नशीले पदार्थ प्रमुख कारण हैं।अजय पाठक ने चेतावनी देते हुए कहा कि एक सिगरेट में करीब 40 ऐसे केमिकल्स होते हैं, जो कैंसर को जन्म दे सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति शराब और सिगरेट दोनों का सेवन करता है, तो कार्सिनोजेन्स की बाइंडिंग बढ़ने से कैंसर का खतरा 10 गुना तक बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि मोटापा और व्यायाम की कमी वाली सिडेंटरी लाइफस्टाइल से शरीर की डीएनए रिपेयरिंग प्रक्रिया बाधित होती है, जिससे गंभीर बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है।बचाव पर जोर देते हुए सीएमओ ने घर का बना पौष्टिक भोजन लेने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। उन्होंने समाज में फैली इस भ्रांति को भी दूर किया कि सर्जरी से कैंसर फैलता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर सर्जरी और इलाज से ठीक होने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर के इलाज में सबसे बड़ी चुनौती लेट डायग्नोसिस है, इसलिए ब्रेस्ट में गांठ, 3–4 हफ्तों से बदली हुई आवाज, या शरीर और मुंह पर ऐसे घाव जो तीन हफ्ते से ठीक न हों, उन्हें नजरअंदाज न करें। सीएमओ ने संदेश दिया कि समय रहते जांच कराई जाए, तो आज कैंसर का इलाज संभव है।