जम्मू के किश्तवाड़ में मचैल माता यात्रा के दौरान बादल इस तरह फटा, अब तक 56 मौ*तें, 200 लापता   

उत्तराखंड के धराली हादसे के महज़ 9 दिन बाद, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले में कल ऐसी भयावह आपदा घटी जिसने पूरे देश को दहला दिया। किश्तवाड़ में चल रही मचैल माता यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। दोपहर में अधिकांश लोग भंडारे के शेड में विश्राम कर रहे थे, जहां सुरक्षा के लिए CISF के जवान भी तैनात थे।अचानक एक जोरदार धमाके के साथ बादल फटा और पानी का तेज़ सैलाब बड़े-बड़े पत्थरों, मिट्टी और पेड़ों को बहाता हुआ आया। जो भी बदकिस्मत इसके रास्ते में आया , उसे बाढ़ की धार , अपने साथ बहा ले गई। श्रद्धालुओं के साथ वहां खड़े कई वाहन भी पानी में समा गए। जो खुशकिस्मत  लोग सैलाब से दूर थे, वे किसी तरह सुरक्षित रहे, लेकिन जो इसकी चपेट में आए, उनके लिए बचने का कोई मौका नहीं बचा। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस त्रासदी में अब तक कम से कम 56 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 200 श्रद्धालुओं के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। सेना और रेस्क्यू टीमें लगातार राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। राहत की बात यह है कि बादल गाँव की ओर नहीं फटा—अगर ऐसा होता तो यह घटना धराली आपदा से भी कहीं ज्यादा भयावह साबित हो सकती थी।यह हादसा एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में बादल फटने की बढ़ती घटनाओं और इनके विनाशकारी असर को लेकर गंभीर चेतावनी देता है।