संक्रमण का खतरासोलन के क्षेत्रीय अस्पताल की दुर्व्यवस्था इन दिनों मरीजों और तीमारदारों के लिए किसी कठिन परीक्षा से कम नहीं है। यह अस्पताल सोलन, शिमला और सिरमौर के मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य केंद्र है, लेकिन यहां अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही ने मरीजों की परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है। हालत यह है कि अब एक बेड पर दो नहीं बल्कि तीन-तीन मरीज भर्ती किए जा रहे हैं।भीड़ और अव्यवस्था के कारण रोगियों को न केवल दिन में बल्कि रात के समय भी ठीक से सोने तक की जगह नहीं मिल रही। एक ही बिस्तर पर तीन मरीजों के लेटने से न केवल संक्रमण का खतरा बढ़ गया है बल्कि मरीजों की मानसिक स्थिति भी बिगड़ रही है। कई मरीजों ने बताया कि वह अपनी बीमारी से तो जूझ ही रहे हैं, लेकिन इस अव्यवस्था ने उन्हें मानसिक रूप से और बीमार कर दिया है।तीमारदार डिम्पल ठाकुर , महेंद्र , ज्ञानेंद्र , शांति देवी , सुनीता और अन्य परिजनों ने खुलकर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ पूरी निष्ठा से सेवा दे रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और सरकार की लापरवाही ने अस्पताल में अस्वस्थ माहौल बना दिया है। यदि जल्द कार्रवाई न की गई तो मरीजों को एक रोग से राहत मिलते-मिलते वे दूसरी गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।क्षेत्रवासियों ने सरकार से मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी मौके का मुआयना करें और अस्पताल की बदहाल स्थिति को गंभीरता से लें। यह समस्या अब केवल अव्यवस्था नहीं बल्कि एक बड़े संकट का संकेत बन चुकी है। स्वास्थ्य विभाग को अब और देर नहीं करनी चाहिए, क्योंकि लापरवाही की कीमत किसी मरीज की जान बन सकती है।बाइट डिम्पल ठाकुर , महेंद्र , ज्ञानेंद्र , शांति देवी , सुनीता और अन्य परिजनों