जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक की चंडी शाखा नए भवन में शिफ्ट, चेयरमैन एडवोकेट मुकेश शर्मा ने किया लोकार्पण

आज जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के चेयरमैन एडवोकेट मुकेश शर्मा ने बैंक की चंडी शाखा के नए भवन परिसर…

प्रदेश सरकार गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध – हर्षवर्द्धन चौहान शूलिनी विश्वविद्यालय में ‘विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2025’ आयोजित

उद्योग, संसदीय कार्य तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी स्तरों पर गुणात्मक शिक्षा…

राष्ट्रीय सम्मेलन में नौणी के शोधार्थी को जीता सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति पुरस्कार

महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी…

स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और रोज़गार सृजन पर बल – डॉ. शांडिल सायरी में मल्टी स्पेशियलिटी स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश…

पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव दिसंबर 2025 में प्रस्तावित, सोलन में सीटों का आरक्षण घोषित

सीधे पंचायत समिति विकास खंड सोलन से खबर आ रही है। यहां खण्ड विकास अधिकारी (BDO) डॉ. रमेश शर्मा ने…

नगर निगम सोलन में सफाई व्यवस्था चरमराई: ड्राइवर-सुपरवाइजर विवाद ने बिगाड़े हालात

सोलन। नगर निगम सोलन में वीरवार सुबह सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। कारण बना वाहन चालकों और सुपरवाइजर…

चम्बाघाट रेलवे फाटक बंद करने के प्रस्ताव पर भड़का जन आक्रोश; प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप

चम्बाघाट रेलवे फाटक को स्थायी रूप से बंद करने के प्रस्ताव ने सोलन में जनाक्रोश भड़का दिया है। वीरवार सुबह…

हिमाचल प्रदेश विधि विश्वविद्यालय, शिमला ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मानव गरिमा पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक आयोजन किया

हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचपीएनएलयू), शिमला स्थित मानवाधिकार एवं विकलांगता अध्ययन केंद्र (सीएचआरडीएस) ने छात्र संवर्धन प्रकोष्ठ के सहयोग से 24 सितंबर 2025 को “परिवर्तन के लिए वाद-विवाद” शीर्षक से एक सफल वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया। एचपीएनएलयू की माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रीती सक्सेना के नेतृत्व में आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य विषय था: “कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मानव बुद्धिमत्ता में संतुलन: क्या मानव गरिमा की रक्षा के लिए नियमन लागू किया जाना चाहिए?” इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी देखी गई और छात्रों ने कानून, नैतिकता और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विचारों का महत्वपूर्ण आदान-प्रदान किया। इस वाद-विवाद में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेजी से विकास के बीच मानव गरिमा की रक्षा के महत्व पर जोर दिया गया। इस वाद-विवाद का निर्णायक प्रतिष्ठित निर्णायक डॉ. हनी कुमार और डॉ. नरिंदर पाल थे, जिन्होंने गहन विचार-विमर्श के साथ इस आयोजन के शैक्षिक महत्व को बढ़ाया। प्रतियोगिता के विजेता आयुष कुमार (प्रथम स्थान), मोरवी शर्मा (द्वितीय स्थान), और आयुष शर्मा एवं वंशिका बांगर (तृतीय स्थान) थे। इस कार्यक्रम का आयोजन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स एंड डिसेबिलिटी स्टडीज़ के संकाय निदेशक डॉ. सचिन शर्मा, छात्रा संयोजक सुश्री अशपिंदर कौर और छात्रा सह-संयोजक सुश्री सामिया मिर्ज़ा ने किया था। कार्यक्रम का समापन कानून, प्रौद्योगिकी और मानवाधिकारों के अंतर्संबंधों वाले समकालीन मुद्दों पर निरंतर संवाद के आह्वान के साथ हुआ।

स्वच्छता ही सेवा अभियान में रेलवे कर्मियों व नगर पालिका का संयुक्त श्रमदान

उत्तर रेलवे के कर्मचारियों ने स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत सुबह 8 बजे से स्टेशन परिसर में श्रमदान कर…