सोलन: बघाट अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में हुए करोड़ों के कथित घोटाले ने हिमाचल की सुक्खू सरकार की नींद उड़ा दी है। सोलन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए भाजपा प्रवक्ता राजेन्द्र राणा ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए सनसनीखेज आरोप जड़ दिया कि “सरकार तमाशा नहीं, सीधे संरक्षण दे रही है और मुख्यमंत्री कार्यालय से अधिकारियों पर दबाव बनाकर घोटालेबाजों की ढाल बनी बैठी है।”
‘सीएम ऑफिस से दबाव, बड़ा खेल चल रहा है’
राणा ने दावा किया कि बैंक में फिलहाल करीब 120 करोड़ रुपये का एनपीए खड़ा हो चुका है। बड़े डिफॉल्टरों पर वारंट जारी होने के बावजूद, सरकार के इशारे पर उन्हें बचाने का खेल चल रहा है। राणा ने कहा—
“पुलिस और अधिकारियों पर सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से दबाव डाला जा रहा है कि इन लोगों को हाथ न लगाया जाए। यह सरकार की सीधी मिलीभगत का मामला है।”
‘एक ही प्रॉपर्टी पर चार-चार लोन, जनता का पैसा फंसा’
राणा ने बताया कि बैंक में ऐसे घपले उजागर हुए हैं, जिन्हें सुनकर आम आदमी का खून खौल जाए। एक ही प्रॉपर्टी पर चार-चार लोन बांटे गए, बैंक में फर्जीवाड़ा खुलकर खेला गया और इसकी कीमत अभी 80,000 खाताधारक चुका रहे हैं, जिनका पैसा बैंक में फंसा पड़ा है। हालात ऐसे कि RBI ने निकासी पर कैप लगा दी—लोग अपना ही पैसा लेने के लिए तरस रहे हैं।
‘तीन जिलों की पुलिस सीमा का ढोल पीट रही है, असली दोषी सुरक्षित’
राणा ने प्रशासन पर भी सीधा वार किया। बोले—
“तीन जिलों की पुलिस जुरिसडिक्शन का ढोंग रच रही है, जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रही है। जबकि असली गुनहगार सरकार के संरक्षण में मस्त घूम रहे हैं। न कार्रवाई, न जवाबदेही… सिर्फ बचाव का खेल!”
‘कार्रवाई न हुई तो अमित शाह के पास जाएगी फाइल’
राणा ने सरकार को करारा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पास जाएगा, जो सहकारिता विभाग भी संभालते हैं।
“प्रदेश की एजेंसियों पर से लोगों का भरोसा उठ चुका है। अब इस मामले की निष्पक्ष जांच सिर्फ केंद्रीय एजेंसियां ही कर सकती हैं।”
भाजपा ने साफ कर दिया है कि 80,000 खाताधारकों की मेहनत की जमा पूंजी पर हुआ यह ‘महाघोटाला’ किसी कीमत पर दबने नहीं दिया जाएगा। सरकार को जवाब देना ही होगा—क्योंकि सवाल जनता का है, जनता के पैसे का है और न्याय का है।