बघाट बैंक संकट: RBI की पाबंदियों पर चेयरमैन अरुण शर्मा का बयान — बोले, “लिक्विडिटी अच्छी है, घबराने की ज़रूरत नहीं                                                                        

सोलन

बघाट बैंक पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निकासी की सीमा लगाए जाने के बाद सोलन में सैकड़ों ग्राहक चिंता में हैं। हालांकि, बैंक के चेयरमैन अरुण शर्मा ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि बैंक की स्थिति पूरी तरह से मजबूत है और किसी को भी घबराने की ज़रूरत नहीं है। अरुण शर्मा ने बताया कि आरबीआई के दिशा-निर्देशों के तहत बैंक पर ₹10,000 की निकासी सीमा  लगाई गई है, जिसे खाताधारक छह महीने के भीतर निकाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस कैपिंग की जानकारी हाल ही में दी गई है और बैंक इस मामले को गंभीरता से देख रहा है। पाबंदी लागू होने के तुरंत बाद बघाट बैंक ने रिज़र्व बैंक को एक चिट्ठी लिखकर स्पष्टीकरण मांगा है। बैंक ने पूछा है कि यह कैपिंग किन कारणों से लगाई गई है, यह कब तक जारी रहेगी और किन खातों को इससे छूट दी जा सकती है।

बैंक की स्थिति पर बात करते हुए चेयरमैन अरुण शर्मा ने कहा कि बघाट बैंक की लिक्विडिटी और लोनिंग दोनों मजबूत हैं। उन्होंने दावा किया कि बैंक की वित्तीय स्थिति इतनी अच्छी है कि अगर सभी ग्राहक एक ही दिन में पैसा निकालना चाहें, तो बैंक के पास पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि सोलन के लगभग 90 प्रतिशत लोग किसी न किसी रूप में बघाट बैंक से जुड़े हुए हैं।शर्मा ने आगे बताया कि बैंक का एनपीए (NPA) पहले ₹322 करोड़ था, जो अब घटकर ₹138 करोड़ रह गया है। उनके अनुसार रिकवरी में काफी प्रगति हुई है और जिस दिन NPA ₹100 करोड़ से नीचे आएगा, बैंक के कई वित्तीय पैरामीटर अपने-आप खुल जाएंगे। उन्होंने कहा कि बैंक में रिकवरी प्रक्रिया निरंतर जारी है। यह प्रक्रिया सरफेसी  एक्ट, सेक्शन 138 और आर्बिट्रेशन के ज़रिए की जा रही है। अब इस प्रक्रिया को और तेज़ किया जाएगा ताकि बैंक की वित्तीय स्थिति और बेहतर हो सके। बैंक का रिकवरी सेल और सभी कर्मचारी नियमित रूप से इस दिशा में काम कर रहे हैं।

बाइट चेयरमैन अरुण शर्मा