सोलन में अवैध वाहनों और स्कूली वैन की बदहाली पर ऑटो यूनियन का रोष, एडीसी को सौंपा ज्ञापन

सोलन शहर में निजी वाहनों के अवैध व्यावसायिक उपयोग और स्कूली बच्चों के असुरक्षित परिवहन को लेकर सोलन ऑटो यूनियन ने कड़ा विरोध दर्ज किया है। यूनियन के प्रधान धर्मपाल ठाकुर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने आज उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) को ज्ञापन सौंपा और तत्काल कार्रवाई की मांग की।धर्मपाल ठाकुर ने आरोप लगाया कि सोलन शहर में 500 से अधिक वैन और लगभग इतनी ही संख्या में रैपिडो बाइक निजी नंबर प्लेट पर चल रही हैं, जो खुलेआम अवैध रूप से कमर्शियल गतिविधियों में संलिप्त हैं। उन्होंने कहा कि इसका सीधा नुकसान उन ऑटो और टैक्सी चालकों को उठाना पड़ रहा है, जो सरकार द्वारा निर्धारित सभी नियमों, परमिट, टैक्स और बीमा जैसी औपचारिकताओं का पालन करते हुए ईमानदारी से रोज़गार कर रहे हैं। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद एडीसी ने ऑटो यूनियन को आश्वासन दिया कि प्रशासन इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर चुका है और जल्द ही अवैध वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें नियंत्रित किया जाएगा।यूनियन ने स्कूली वैनों की खस्ता हालत पर भी गहरी चिंता जताई। धर्मपाल ठाकुर ने कहा कि कई वैनों    में 40 से 50 बच्चों को “भेड़-बकरियों” की तरह ठूंस-ठूंस कर ले जाया जा रहा है। सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए इन वाहनों की असली सीटें निकालकर लकड़ी के फट्टे लगा दिए गए हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि न तो स्कूल प्रशासन, न शिक्षा विभाग और न ही आरटीओ द्वारा इन वाहनों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।उन्होंने नालागढ़ प्रशासन का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां हाल ही में पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाली 10 से 12 गाड़ियों को सीज किया है, जबकि सोलन में अवैध वाहन बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। यूनियन ने प्रशासन से समान कार्रवाई की मांग की।

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