सोलन ज़िले में अब तक लगभग 5 लाख 80 हज़ार लोगों के आभा (Ayushman Bharat Health Account) कार्ड बनाए जा चुके हैं, लेकिन डिजिटल इंडिया मिशन के तहत शुरू हुई यह पहल अभी पूरी तरह सफल नहीं हो पाई है। सितंबर 2021 में शुरू हुए इस अभियान का मकसद था कि स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर मरीजों का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा सके। शुरुआती चरण में सोलन के क्षेत्रीय अस्पताल समेत कई अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में ओपीडी पर्ची (OPD Slip) बनाने की प्रक्रिया को आभा कार्ड से जोड़ा गया था। लेकिन तकनीकी परेशानियों और जनता में पर्याप्त जागरूकता की कमी के कारण यह प्रणाली ज्यादा समय तक जारी नहीं रह सकी, और अस्पतालों को फिर से पारंपरिक ऑफलाइन पर्ची व्यवस्था अपनानी पड़ी। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गगन के अनुसार, आभा कार्ड के अनेक फायदे हैं — इसके ज़रिए मरीजों का इलाज इतिहास, जांच रिपोर्ट और दवा संबंधी जानकारी एक ही क्लिक पर देखी जा सकती है। मगर उन्होंने माना कि लोगों को इसके लाभों के बारे में पूरी जानकारी नहीं है, यही वजह है कि यह योजना अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाई। अब प्रशासन एक बार फिर जागरूकता अभियान शुरू करने की तैयारी में है, ताकि अधिक से अधिक लोग डिजिटल हेल्थ मिशन से जुड़कर इसका लाभ उठा सकें। byte Dr. Yogesh Gupta