सोलन में बघाट बैंक से जुड़े डिफाल्टरों के खिलाफ एआरसीएस (सहकारी समितियों के सहायक पंजीयक) विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए रिकवरी प्रक्रिया तेज कर दी है। हाल ही में आयोजित सुनवाई में कुल 52 मामलों की एग्जीक्यूशन पर सुनवाई की गई, जिनमें अधिकांश नए मामले थे। सुनवाई के दौरान डिफाल्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे शीघ्र अपना बकाया ऋण जमा करें या बैंक की ओटीएस (एकमुश्त निपटान योजना) का लाभ उठाएं। विभाग ने साफ शब्दों में चेताया कि भुगतान में लापरवाही बरतने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए एआरसीएस ने एक नए मामले में लोनी के खिलाफ अरेस्ट वारंट भी जारी कर दिया है। वहीं, जिन पुराने मामलों में चेक बाउंस की स्थिति बनी हुई है, उनकी अगली सुनवाई 25 फरवरी को तय की गई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि इन मामलों में चेक क्लियर नहीं हुए तो और अधिक सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही एनपीए मामलों की जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और जल्द ही इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी, जिससे डिफाल्टरों पर शिकंजा और कसने के संकेत मिल रहे हैं।