हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी A और B ग्रेड अधिकारियों से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित सरकारी स्कूलों को गोद लें और उन्हें सशक्त बनाने में योगदान दें।इस संदर्भ में शिक्षा विभाग के शिक्षा उपनिदेशक गोपाल सिंह चौहान ने आज सोलन में उपायुक्त के साथ बैठक की और इस योजना को धरातल पर उतारने को लेकर चर्चा की। यह पहल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है, जिससे सरकारी स्कूलों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है।शिक्षा उपनिदेशक गोपाल सिंह चौहान ने जानकारी दी कि अधिकारियों के लिए स्कूलों की मदद करने के कई रास्ते खुले हैं। वे चाहें तो आर्थिक सहयोग कर सकते हैं, स्कूलों को तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित कर सकते हैं, या फिर बच्चों को पढ़ाई में मार्गदर्शन देकर उनका हौसला बढ़ा सकते हैं। किसी अधिकारी पर किसी एक तरह की मदद का दवाब नहीं होगा, वह अपनी क्षमता और इच्छा के अनुसार किसी भी रूप में सहयोग कर सकता है। अधिकारी एक से अधिक स्कूलों को भी गोद ले सकते हैं। यह कोई औपचारिक दायित्व नहीं बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है, जो हर जागरूक नागरिक को निभानी चाहिए।बाइट शिक्षा उपनिदेशक गोपाल सिंह चौहान