सोलन में पानी की किल्लत पर शहरवासियों का गुस्सा, भंडारण और वितरण सुधारने की मांग

हिमाचल प्रदेश – सोलन शहर में लंबे समय से जारी पानी की किल्लत को लेकर शहरवासियों का गुस्सा चरम पर है। सोलन  निवासी दिव्यांशु ने बताया कि पिछले दो-तीन महीनों से पानी की अनियमित आपूर्ति ने जीवन कठिन बना दिया है। कई जगहों पर तो एक हफ्ते तक पानी नहीं आता। शहर के वार्ड नंबर सात के निवासियों का कहना है कि यह समस्या पूरे सोलन में फैली हुई है। पानी कब आएगा इसका कोई तय समय नहीं, कभी तीन दिन, तो कभी छह दिन का इंतजार करना पड़ता है। कई लोगों को हफ्ते में केवल एक बार ही पानी मिलता है, वह भी देर रात छोड़ा जाता है । उन्होंने कहा कि पहले नीचले मकानों में पानी पहले चला जाता है, जबकि ऊपरी मंजिलों तक दबाव बेहद कम रह जाता है।शहर वासियों  का मानना है कि इस समस्या के पीछे अपर्याप्त भंडारण और पुरानी वितरण व्यवस्था जिम्मेदार है। एक वरिष्ठ निवासी ने बताया कि 1978-79 में भी सोलन में केवल तीन टैंक थे, जो आज भी हैं, जबकि जनसंख्या लगभग 5,000 से बढ़कर करीब एक लाख हो चुकी है। पानी की बर्बादी भी बड़ी समस्या है, क्योंकि कई घरों में टंकियां भरकर बहती रहती हैं और निगरानी का अभाव है। नागरिकों ने प्रशासन—चाहे नगर निगम हो या आईपीएच वह दोनों से मांग करते हैं कि  भंडारण क्षमता बढ़ाई जाए और उचित वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि गिरी नदी  और अश्वनी घाट से आने वाले पानी के मार्ग में आपातकालीन टैंक बनाए जाएं और बाहरी क्षेत्रों में छोटे टैंक स्थापित किए जाएं, ताकि पानी की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।बाइट शहर वासी