बघाट बैंक रिकवरी पर देर से जागा प्रशासन: पहले कार्रवाई होती तो त्योहारों पर

सोलन ,बघाट बैंक के देनदारों पर अब जाकर कार्रवाई शुरू हुई है, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जो कदम आज उठाए जा रहे हैं, वह पहले क्यों नहीं उठाए गए? अगर प्रशासन और बैंक प्रबंधन पहले सख्त होते, तो शहरवासियों का त्योहारों के समय पर पैसा फंसता ही नहीं।इस बीच, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया  की चुप्पी ने स्थिति को और चिंताजनक बना दिया है। बैंक प्रशासन का कहना है कि अब तक आरबीआई की ओर से कोई जवाब नहीं आया है, जिससे यह कहना मुश्किल है कि लोगों के पैसे कब तक फंसे रहेंगे।चेयरमैन अरुण शर्मा ने जानकारी दी कि अब तक 12 देनदारों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और चार लोगों की संपत्ति जब्त करने के आदेश जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई अब शुरू हुई है, जबकि लोगों का पैसा महीनों से फंसा हुआ है। उन्होंने बताया कि हिमाचल सरकार और जिला प्रशासन की ओर से अब सहयोग मिल रहा है
बाइट चेयरमैन अरुण शर्मा
शहरवासी नाराज हैं कि त्योहारों पर जब खर्च और जरूरतें बढ़ती हैं, तब उनके मेहनत की कमाई वाले खाते बंद पड़े हैं। अब कार्रवाई शुरू तो हुई है, लेकिन जनता के मन में एक ही सवाल गूंज रहा है अगर यही सख्ती पहले होती, तो आज हालात ऐसे क्यों होते?