बल्कि पूरे हिमाचल की आस्था का केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि मां शूलिनी यहां सदियों से अपने भक्तों पर कृपा बरसा रही हैं। नवरात्रों में यहां विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं और अष्टमी का पर्व तो खास महत्व रखता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार अष्टमी तिथि पर मां दुर्गा के आठवें स्वरूप की पूजा होती है। इस दिन मंदिरों में विशेष भजन-कीर्तन और अनुष्ठान किए जाते हैं, और श्रद्धालु माता का आशीर्वाद पाने के लिए लंबी दूरी तय कर मंदिर पहुंचते हैं।आज अष्टमी पर शूलिनी मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। सुबह 5 बजे से ही मंदिर के बाहर लंबी कतारें लग गई थीं। शिल्ली रोड से आए भक्त राजकुमार भारद्वाज ने बताया कि यह भीड़ मां शूलिनी के प्रति गहरी आस्था का प्रमाण है। कांगड़ा से आए अभी शर्मा ने कहा कि वे विशेष रूप से माता के दर्शन के लिए सोलन आए हैं यहाँ आ कर उन्हें अपार शान्ति मिली है वह मानते है कि यहाँ आ कर सभी मनोकानाएं पूर्ण होती है । स्थानीय निवासी नवीन शर्मा ने बताया कि 90 के दशक से वे नियमित रूप से मंदिर आ रहे हैं और हर बार यहां एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव होता है। भक्तों ने कामना की कि मां शूलिनी का आशीर्वाद भविष्य में भी इसी तरह सब पर बना रहे।बाइट,पुजारी , राजकुमार भारद्वाज , अभी ,नवीन शर्मा