जननायक वही होता है जो विपदा की घड़ी में अपने लोगों के बीच खड़ा दिखाई दे।

सिर्फ़ पद या लोकप्रियता से नहीं, बल्कि ज़मीन से जुड़ाव, संवेदनशीलता और ज़िम्मेदारी से कोई नेता सच्चा जनसेवक बनता है।

सिराज में आई प्राकृतिक आपदा के समय Jairam Thakur जी का पीड़ितों के बीच पहुंचना, उनका दुःख साझा करना और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाना यह उनकी जनसेवा की भावना की जीवंत मिसाल है।

वे केवल हालात का जायज़ा नहीं ले रहे, बल्कि हर परिवार के आँसू पोंछते हुए उन्हें यह एहसास भी दिला रहे हैं कि संकट की इस घड़ी में वे अकेले नहीं हैं, उनका नेता, उनका अपना जयराम उनके साथ है।