सोलन अस्पताल परिसर में आज जिला स्वास्थ्य अधिकारी अमित रंजन की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के उपरांत उन्होंने मीडिया को बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े तीन अहम बिंदुओं पर कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्कूलों के नोडल शिक्षक शामिल हुए। उन्होंने बताया कि तीनों कार्यक्रमों की कार्यशालाएं सफलतापूर्वक संपन्न हुईं और आगामी दिनों में इनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।जिला स्वास्थ्य अधिकारी अमित रंजन ने बताया कि निमोनिया कंट्रोल फोर्टनाइट अभियान 12 से 27 नवंबर तक चलेगा। इसका उद्देश्य पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में डायरिया से होने वाली मौतों को रोकना है। इसके तहत आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर ओआरएस और जिंक पैकेट पहुंचाने का प्रशिक्षण दिया गया।वहीं, सांस अभियान 12 नवंबर से 28 फरवरी तक चलेगा, जिसका लक्ष्य निमोनिया के कारण होने वाली मौतों में कमी लाना है। स्वास्थ्य उप-केंद्रों में सिरप एमोक्सिसिलिन, एमिसिलिन और इंजेक्शन जेंटामाइसिन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मियों को निमोनिया के लक्षण पहचानने और समय पर रेफर करने का प्रशिक्षण दिया गया। तीसरे कार्यक्रम वीकली आयरन फोलिक एसिड सप्लीमेंटेशन के तहत स्कूलों के नोडल शिक्षकों को एनीमिया नियंत्रण की ट्रेनिंग दी गई। रंजन ने कहा कि एनीमिया बच्चों की ऊर्जा, खेलकूद और अध्ययन क्षमता पर गंभीर प्रभाव डालता है, इसलिए इसे नियंत्रित करना अत्यंत जरूरी है।