सोलन: यशवंत सिंह परमार नौणी के होनहार शोध छात्र पुनीत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पीएचडी के तीसरे वर्ष में अध्ययनरत पुनीत ने देहरादून में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में नौ देशों के प्रतिभागियों के बीच अपना शोध प्रस्तुत कर सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार प्राप्त किया। यह सम्मेलन ग्राफिक ईरा यूनिवर्सिटी में आयोजित हुआ, जिसमें देश-विदेश के वैज्ञानिकों और शोधार्थियों ने भाग लिया। पुनीत ने सूक्ष्म जीवों के औद्योगिक उपयोग विषय पर अपना शोध कार्य प्रस्तुत किया।अपने शोध में पुनीत ने स्टीविया पौधे से सात प्रकार के जीवाणुओं को अलग किया। इनमें से एक जीवाणु विशेष प्रकार का एंजाइम उत्पन्न करता है, जो चीनी को ऐसे तत्व में बदल देता है जो शरीर में पाचन को बेहतर बनाने वाले रेशे की तरह काम करता है और मधुमेह के रोगियों के लिए लाभकारी माना जाता है। सोलन की शामरोड़ पंचायत के रहने वाले पुनीत ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपनी मार्गदर्शक डॉक्टर नेहा गौतम , विश्वविद्यालय के शिक्षकों और अपने माता-पिता को दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में वे वैज्ञानिक या प्राध्यापक बनकर बिना चीनी वाले स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद विकसित करने की दिशा में काम करना चाहते हैं।