सोलन। त्योहारी सीजन में बेहतर कारोबार की उम्मीद लगाए बैठे सोलन के स्थानीय व्यापारियों को इस बार निराशा का सामना करना पड़ रहा है। नवरात्रों से लेकर करवाचौथ, धनतेरस, दिवाली, भैया दूज और विश्वकर्मा पूजा तक लगातार त्योहार होने के बावजूद बाजार में अपेक्षा के अनुरूप खरीदारी नहीं हो रही है। स्थानीय व्यापारी धर्मेंद्र ठाकुर ने कारोबार में आई गिरावट पर चिंता जताते हुए इसके लिए ऑनलाइन शॉपिंग और बाहरी विक्रेताओं को प्रमुख कारण बताया है।
धर्मेंद्र ठाकुर ने कहा कि व्यापारी त्योहारों को देखते हुए पहले से ही सामान का स्टॉक तैयार करते हैं, लेकिन इस बार बिक्री उम्मीद से काफी कम है। महंगाई और बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण भी कारोबार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन खरीदारी का चलन तेजी से बढ़ रहा है। लोग घर बैठे सामान मंगवा रहे हैं, जबकि स्थानीय दुकानदारों को दुकान का किराया, बिजली बिल और अन्य खर्च उठाने पड़ते हैं। ऐसे में स्थानीय कारोबारियों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो रहा है।
उन्होंने माल रोड और शहर की सड़कों पर त्योहारों के दौरान बाहरी विक्रेताओं के बैठने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि स्थानीय व्यापारी पूरे साल दुकानें चलाने के साथ रामलीला, जागरण और अन्य सामाजिक आयोजनों में सहयोग करते हैं, लेकिन त्योहारों के समय बाहर से आने वाले विक्रेता सड़कों पर दुकानें लगाकर उनके कारोबार को प्रभावित करते हैं।
धर्मेंद्र ठाकुर ने कहा कि माल रोड पर पैदल चलने के रास्तों पर सामान फैलाने से लोगों को परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। उन्होंने बाहरी विक्रेताओं द्वारा बेचे जाने वाले सामान की गुणवत्ता और कर संबंधी नियमों के पालन की जांच करने की भी मांग उठाई। उनके अनुसार, सामान खराब निकलने पर ग्राहकों को विक्रेता से संपर्क करने में भी दिक्कत हो सकती है।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि माल रोड और अन्य प्रमुख स्थानों पर अनधिकृत रूप से दुकानें लगाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि यातायात और पैदल चलने की व्यवस्था सुचारू रहे तथा स्थानीय व्यापारियों को राहत मिल सके।