सोलन। सोलन में महर्षि वाल्मीकि जी का प्रकटोत्सव श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सांसद, वाल्मीकि वर्ग सुधार समिति के पदाधिकारियों और वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने भाग लिया। वक्ताओं ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन दर्शन, रामायण की शिक्षाओं और समाज में समानता स्थापित करने के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में सांसद ने प्रदेश और सोलनवासियों को महर्षि वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि ने भगवान श्रीराम के चरित्र के माध्यम से समाज को कर्तव्य, मर्यादा और आदर्श जीवन का संदेश दिया है। रामायण में पिता-पुत्र, भाई-भाई और राजा-प्रजा के संबंधों से जुड़े कर्तव्यों का विस्तार से वर्णन मिलता है, जो आज भी प्रासंगिक है।
उन्होंने कहा कि जीवन में कठिन परिस्थितियां आने पर भी व्यक्ति को निराश नहीं होना चाहिए। विपरीत हालात में उत्साह और दृढ़ संकल्प के साथ काम करने से सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए आयोजन समिति को सफल कार्यक्रम के लिए बधाई दी। इस दौरान तरसे भारती, मंडल अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता, नगर निगम की मेयर सुषमा शर्मा और डिप्टी मेयर गौरव राजपूत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
वाल्मीकि वर्ग सुधार समिति, गांधी मोहल्ला, सोलन के प्रधान प्रेमचंद मट्टू ने भी सभी को प्रकटोत्सव की बधाई दी। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि को आदिकवि बताते हुए कहा कि रामायण जीवन के सामाजिक, पारिवारिक, राजनीतिक और आर्थिक पहलुओं में मार्गदर्शन प्रदान करती है। उन्होंने समाज के लोगों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देने का आह्वान किया।
प्रेमचंद मट्टू ने कहा कि समाज में ऊंच-नीच और भेदभाव को समाप्त कर समानता की भावना मजबूत करनी चाहिए। सत्य की असत्य पर और धर्म की अधर्म पर विजय के आदर्शों को अपनाकर देश की एकता और संस्कृति को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रकटोत्सव के उपलक्ष्य में वाल्मीकि समुदाय की ओर से भव्य नगर कीर्तन भी निकाला गया।