सोलन। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय से बच्चों और समाज के कल्याण के लिए सेवाएं देने के बावजूद उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा, उचित सेवानिवृत्ति लाभ और समय पर मानदेय जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सोलन प्रोजेक्ट के सुबू सर्कल की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जेवंती भारद्वाज और लता वर्मा ने इन समस्याओं को उठाते हुए सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
जेवंती भारद्वाज ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाना चाहिए और सेवानिवृत्ति के समय ग्रेच्युटी सहित अन्य वित्तीय लाभ उपलब्ध करवाए जाने चाहिए। लता वर्मा ने कहा कि कई कार्यकर्ता 30 से 40 वर्ष तक सेवाएं देने के बाद भी बिना पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा के सेवानिवृत्त हो जाती हैं। उन्होंने नियमित कर्मचारी घोषित करने और सेवानिवृत्ति लाभ सुनिश्चित करने की मांग की।
जेवंती भारद्वाज के अनुसार, कार्यकर्ताओं को मानदेय समय पर नहीं मिलता। कभी 20 तारीख तो कभी 25 तारीख तक इंतजार करना पड़ता है, जबकि कई बार पूरा महीना बीत जाता है। उन्होंने बताया कि हेल्पर को 5,000 रुपये और वर्कर को 10,000 रुपये मानदेय मिलता है। ऐसे में भुगतान में देरी से उनके परिवारों का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता है।
लता वर्मा ने कहा कि मानदेय में 1,000 रुपये की वृद्धि की अधिसूचना एक नवंबर से लागू करने की बात कही गई है, जबकि इसकी घोषणा अप्रैल से की गई थी। उन्होंने अप्रैल से अब तक का 7,000 रुपये प्रति कार्यकर्ता एरियर जारी करने की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने पोषण ट्रैकर ऐप में तकनीकी दिक्कतों और विभाग से मिले खराब मोबाइल फोन की समस्या भी उठाई। उनका कहना है कि उन्हें निजी फोन से विभागीय काम करना पड़ता है और रिचार्ज का पैसा भी समय पर नहीं मिलता। जेवंती भारद्वाज ने बताया कि वे करीब 20 वर्षों से सीटू यूनियन से जुड़कर मांगों को लेकर संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में भी कई बार मांगें उठाने के बावजूद ठोस समाधान नहीं हुआ है।
सोलन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने उठाई मांगें, सरकारी कर्मचारी का दर्जा और एरियर देने की अपील