सोलन। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) सोलन का 23वां जिला सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन के तहत छात्र-छात्राओं ने शिक्षा के निजीकरण, फीस वृद्धि, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर आक्रोश रैली निकाली। रैली पीजी डिग्री कॉलेज सोलन से शुरू होकर अग्रवाल धर्मशाला पहुंची, जहां सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें सोलन के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
एसएफआई के जिला उपाध्यक्ष राघव ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य केंद्र और प्रदेश सरकार की छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर विद्यार्थियों में नाराजगी है और संगठन उनके अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है।
एसएफआई के जिला अध्यक्ष रोहित शर्मा ने कहा कि देश और प्रदेश में शिक्षा के निजीकरण तथा फीस वृद्धि के कारण विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे मेहनत करने वाले युवाओं के भविष्य पर असर पड़ता है। उन्होंने वोट चोरी से जुड़े आरोपों का मुद्दा भी उठाया और इस संबंध में विरोध दर्ज करवाया।
रोहित शर्मा ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार भर्तियों से संबंधित परीक्षाएं पेपर लीक होने या रद्द होने के कारण प्रभावित होती हैं, जिससे नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने बेरोजगारी को युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या से भी जोड़ा।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में इन मुद्दों पर चर्चा कर आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। सम्मेलन के बाद नई जिला कमेटी का गठन किया जाएगा, जो भविष्य के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करेगी। एसएफआई ने शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर आगामी समय में देश और प्रदेश स्तर पर आंदोलन करने की बात कही।
सोलन में एसएफआई का 23वां जिला सम्मेलन, निजीकरण और पेपर लीक के खिलाफ निकाली आक्रोश रैली