सोलन। शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण पाने के लिए नगर निगम और पशुपालन विभाग के सहयोग से नसबंदी अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक 783 आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. विवेक लांबा ने बताया कि अभियान लगातार जारी है और विभाग का प्रयास है कि निर्धारित लक्ष्य को जल्द पूरा किया जाए।
उन्होंने बताया कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने और उनकी आबादी में अनियंत्रित वृद्धि रोकने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी की जाती है और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें निर्धारित व्यवस्था के अनुसार छोड़ा जाता है। नगर निगम और पशुपालन विभाग आपसी समन्वय से इस कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
डॉ. विवेक लांबा के अनुसार, ठोडो ग्राउंड में आयोजित हिमाचल उत्सव के दौरान कुत्तों को पकड़ने के काम में अस्थायी बदलाव करना पड़ा था। डॉग कैचर संस्था आकांक्षा ट्रस्ट के अनुरोध पर इस कार्य को एक सप्ताह के लिए स्थगित किया गया था, ताकि उत्सव के दौरान व्यवस्थाओं में किसी तरह की बाधा न आए।
उन्होंने बताया कि उत्सव और आगामी छुट्टियों के कारण कुछ व्यवस्थागत चुनौतियां भी सामने आईं। इसके बावजूद विभाग ने आवश्यक प्रबंध किए और बुधवार को पकड़े गए कुत्तों की नसबंदी के ऑपरेशन करवाए गए। विभाग का कहना है कि अभियान को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
शहर में अभी भी कई स्थानों पर आवारा कुत्ते मौजूद हैं, इसलिए नसबंदी अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग का लक्ष्य पहले निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के साथ ही शहर में आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करना है। इस अभियान में नगर निगम, पशुपालन विभाग और संबंधित संस्था की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है।