सोलन। जिला कांग्रेस कमेटी सोलन के अध्यक्ष सुभाष बरमानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और केंद्र सरकार को लेकर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के दिशा-निर्देशों के तहत कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और इंडिया गठबंधन के अन्य घटक दलों की ओर से चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाने का निर्णय लिया गया है।
सुभाष बरमानी ने आरोप लगाया कि चुनावों से पहले बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। बरमानी के अनुसार, दो चुनाव आयुक्तों संधू और जोशी की ओर से 10 माह के दौरान 14 बार असहमति संबंधी टिप्पणियां दर्ज कराई गईं, लेकिन इन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के पीछे केंद्र सरकार की भूमिका है। हालांकि ये आरोप कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की ओर से लगाए गए हैं।
बरमानी ने इंडिया गठबंधन की ओर से तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, उनके और कथित तौर पर जिम्मेदार अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने तथा उनके कार्यकाल में हुए चुनावों और लिए गए निर्णयों की समीक्षा की मांग शामिल है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर भी चिंता जताई। बरमानी ने कहा कि यदि मतदाता सूचियों में किसी प्रकार की अनियमितता होती है तो उसका असर लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर पड़ सकता है। उन्होंने प्रदेश में मतदाता सूचियों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने बताया कि मुद्दे को लेकर 8 तारीख को सुबह 11 बजे सोलन में विरोध रैली निकाली जाएगी। रैली रेस्ट हाउस से शुरू होकर चिल्ड्रन पार्क तक जाएगी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने आम जनता के साथ सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं से रैली में शामिल होने की अपील की।
सोलन में 8 तारीख को इंडिया गठबंधन निकालेगा विरोध मार्च, चुनाव आयोग पर लगाए अनियमितताओं के आरोप