सोलन। डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में स्थायी कुलपति की नियुक्ति और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष सवाल उठाए हैं। एबीवीपी नौणी इकाई के पूर्व अध्यक्ष एवं कृषि सांख्यिकी में पीएचडी शोधार्थी प्रियांशु गौतम ने कहा कि विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति की नियुक्ति न होने से प्रशासनिक स्तर पर कई निर्णयों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
प्रियांशु गौतम ने रॉवे स्टे चार्जेस का मुद्दा उठाते हुए कहा कि छात्रों को इन शुल्कों को शून्य करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद जब छात्र इस संबंध में कुलपति से मिलने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि वर्तमान कुलपति अस्थायी रूप से कार्यरत हैं और उनके अधिकार क्षेत्र में इस संबंध में निर्णय लेना संभव नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि अस्थायी कुलपति छात्र हित से जुड़े इस निर्णय को लेने में असमर्थ हैं तो विश्वविद्यालय की फीस में 40 से 50 प्रतिशत तक की वृद्धि और एसएमएस की भर्तियों जैसे महत्वपूर्ण फैसले किस आधार पर लिए गए। उन्होंने कहा कि छात्र हित के मामलों में अधिकार क्षेत्र का हवाला देकर निर्णय से पीछे हटना उचित नहीं है।
प्रियांशु गौतम ने बताया कि छात्रों की ओर से रॉवे स्टे चार्जेस को लेकर लगातार मांग उठाई जा रही है। उनका कहना है कि इस व्यवस्था से छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और विश्वविद्यालय प्रशासन को इस मामले में स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार से नौणी विश्वविद्यालय में जल्द स्थायी कुलपति की नियुक्ति करने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्थायी कुलपति की नियुक्ति होने से प्रशासनिक निर्णयों में स्पष्टता आएगी और छात्र हितों से जुड़े लंबित मामलों पर भी प्रभावी तरीके से निर्णय लिए जा सकेंगे। एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है। BITE – प्रियांशु गौतम पूर्व इकाई अध्यक्ष अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नौणी विश्वविद्यालय
सोलन : नौणी विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति की मांग, फीस वृद्धि और रॉवे स्टे चार्जेस पर एबीवीपी ने उठाए सवाल