जोगिंद्र बैंक सोलन के अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने केंद्र सरकार की E20 एथनॉल नीति पर सवाल उठाते हुए इसे आम जनता के लिए परेशानी बढ़ाने वाला फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाए जाने के कारण चीनी के दाम बढ़ने के साथ वाहन चालकों की परेशानियां भी बढ़ रही हैं।
मुकेश शर्मा ने कहा कि एथनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के इस्तेमाल से चीनी की उपलब्धता प्रभावित हुई है, जिसके चलते बाजार में इसके दाम 20 से 25 रुपये तक बढ़ गए हैं। त्योहारों के सीजन में बढ़ी कीमतों का सीधा असर आम और गरीब परिवारों के बजट पर पड़ने की आशंका है।
उन्होंने दावा किया कि एथनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से कई वाहनों की माइलेज प्रभावित हो रही है और इंजन संबंधी शिकायतें भी सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि कुछ बाइक और स्कूटर रास्ते में बंद होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले दो लीटर पेट्रोल में करीब 60 किलोमीटर चलने वाला वाहन अब 35 से 40 किलोमीटर में ही रुकने की स्थिति में पहुंच रहा है।
मुकेश शर्मा ने सवाल उठाया कि एथनॉल मिश्रण से कच्चे तेल के आयात में कमी आती है तो इसका लाभ उपभोक्ताओं को पेट्रोल की कीमतों में राहत के रूप में मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर के बिना जनता पर प्रयोग किया जा रहा है।
उन्होंने पुरानी गाड़ियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और सामान्य पेट्रोल उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही सरकार से इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की अपील की।
गौरतलब है कि सोलन में एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर पहले भी वाहन चालकों में नाराजगी सामने आ चुकी है, और टैक्सी यूनियन भी इस नीति के खिलाफ मुखर हो चुकी है। वहीं केंद्र सरकार ने पीआईबी की एक रिपोर्ट में माइलेज घटने और इंजन खराब होने जैसी आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा है कि E20 पेट्रोल से जुड़ी इन शिकायतों की पुष्टि बड़े स्तर पर नहीं हुई है।
BITE – मुकेश शर्मा, अध्यक्ष, जोगिंद्र बैंक सोलन