राजकीय संस्कृत महाविद्यालय सोलन में श्रावणी पूर्णिमा के उपलक्ष्य में संस्कृत सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। 25 अगस्त से 31 अगस्त तक आयोजित होने वाले संस्कृत सप्ताह के तहत महाविद्यालय में हवन-पूजन सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पारंपरिक परिधानों में पहुंचकर भारतीय संस्कृति और संस्कारों की झलक प्रस्तुत की।
महाविद्यालय के दर्शनाचार्य डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि संस्कृत सप्ताह के दौरान श्लोकोच्चारण, भाषण, संस्कृत गीत और मॉडल निर्माण सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सप्ताह के समापन पर विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न मॉडलों का निरीक्षण किया जाएगा तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और समूहों को पारितोषिक देकर सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि संस्कृत सप्ताह के अवसर पर शुक्ल श्रावण चतुर्दशी के पावन अवसर पर महाविद्यालय में हवन और पूजन का आयोजन भी किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि संस्कृत और संस्कारों का आपस में गहरा संबंध है। संस्कृत के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में भी महाविद्यालय के विद्यार्थी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े हुए हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्र धोती-कुर्ते सहित पारंपरिक परिधानों में नजर आए, जबकि छात्राओं ने भी प्राचीन एवं पारंपरिक वेशभूषा धारण की। इससे महाविद्यालय परिसर में भारतीय संस्कृति की विशेष छटा देखने को मिली।
डॉ. शर्मा ने कहा कि संस्कृत सप्ताह का उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक संस्कारों को जीवित रखना और उनका पोषण करना है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी में धर्म, संस्कृति और विशेष रूप से पहाड़ी संस्कृति के प्रति निष्ठा एवं रुझान बढ़ता है।
सोलन : संस्कृत सप्ताह में पारंपरिक परिधानों में नजर आए विद्यार्थी, भारतीय संस्कृति की छटा बिखेरी