भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजिंदर राणा ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोलन से डॉक्टरों के तबादलों को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए मंत्रिमंडल में आपसी तालमेल की कमी का आरोप लगाया। राणा ने कहा कि प्रदेश के बड़े अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी के कारण स्वास्थ्य संस्थान रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं और मरीजों को इलाज के लिए पंजाब व चंडीगढ़ का रुख करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण गरीब और जरूरतमंद लोगों को हिमकेयर तथा सहारा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। राणा के अनुसार प्रदेश में करीब 180 स्वास्थ्य संस्थान बंद किए गए हैं, जबकि कई अस्पतालों में आधुनिक मशीनें उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें संचालित करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञ और प्रशिक्षित स्टाफ नहीं है।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार सामने आ रही समस्याएं सरकार की प्रशासनिक विफलता को उजागर करती हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के तबादलों से पहले अस्पतालों की जरूरत और मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
राणा ने सरकार के भीतर चल रहे कथित आंतरिक अंतर्विरोधों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इसका सीधा असर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से अस्पतालों में रिक्त पद भरने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती करने तथा बंद स्वास्थ्य संस्थानों को दोबारा शुरू करने की मांग की। BITE – प्रदेश प्रवक्ता भाजपा राजिंदर राणा
सोलन : स्वास्थ्य व्यवस्था पर राजिंदर राणा का हमला, डॉक्टरों के तबादलों और योजनाएं बंद करने पर सरकार को घेरा