सेब सीजन के दौरान सोलन मंडी में बागवानों को कम उत्पादन, बाजार भाव और पेटियों के वजन को लेकर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला मंडी के छतरी निवासी बागवान संजय शर्मा ने मंडी की स्थिति और बागवानों की समस्याओं को लेकर जानकारी साझा की।
संजय शर्मा ने बताया कि वह सोलन मंडी में व्हाइट गोल्डन, रॉयल डिलीशियस, रेड गोल्डन और रिचर्ड किस्म के सेब लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि सेब की गुणवत्ता और वैरायटी के आधार पर मंडी में अलग-अलग भाव मिल रहे हैं। अच्छी गुणवत्ता के सेब 2500 से 2700 रुपये प्रति पेटी तक बिक रहे हैं, जबकि कम गुणवत्ता या छींटे वाले सेबों का भाव 1000 से 1500 रुपये प्रति पेटी के बीच है।
बागवान ने सेब की पैकेजिंग और वजन को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशों के अनुसार सेब की पेटी का वजन निर्धारित सीमा में रखा जाना चाहिए। इसके बावजूद मंडी में कुछ आढ़तियों की ओर से अधिक वजन और बेहतर ग्रेडिंग वाली पेटियों की मांग की जा रही है। इससे बागवानों के सामने अतिरिक्त परेशानी खड़ी हो रही है।
संजय शर्मा के अनुसार इस वर्ष प्रतिकूल मौसम के कारण हिमाचल में सेब उत्पादन में भारी गिरावट आई है। सामान्य परिस्थितियों में प्रदेश में करीब चार करोड़ पेटियों का उत्पादन होता था, जबकि इस बार अनुमानित उपलब्धता काफी कम रह गई है। उन्होंने बताया कि इस बार अधिकतर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ही सेब की फसल तैयार हुई है।
बागवानों का कहना है कि उत्पादन कम होने के बावजूद उन्हें अपेक्षित भाव नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि मौसम की मार के बाद मंडी व्यवस्था और पैकेजिंग से जुड़ी समस्याएं उनकी चिंता और बढ़ा रही हैं। उन्होंने सरकार और संबंधित विभागों से नियमों के पालन तथा बागवानों को उचित बाजार सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की है।