मौसम की मार से सेब उत्पादन प्रभावित होने के बाद अब मंडियों में दामों में गिरावट ने बागवानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सोलन मंडी में सेब के दाम अचानक नीचे आने से बागवानों में रोष है। सेब बागवान शूरवीर कालटा ने आरोप लगाया कि कम उत्पादन और बाजार में उचित दाम नहीं मिलने से बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण इस वर्ष कई क्षेत्रों में सेब की फसल प्रभावित हुई है। इसके बावजूद मंडी में बागवानों को उनकी उपज का अपेक्षित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने लदान शुल्क के नाम पर बागवानों से कथित तौर पर की जा रही अवैध वसूली पर भी सवाल उठाए
शूरवीर कालटा ने कहा कि बागवान पहले ही उत्पादन लागत, दवाइयों और अन्य कृषि सामग्री की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं। ऐसे में यदि मंडी में भी उन्हें उचित मूल्य और पारदर्शी व्यवस्था नहीं मिलेगी तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब होगी।
उन्होंने एचपीएमसी केंद्रों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई स्थानों पर बागवानों को अपेक्षित सुविधा नहीं मिल रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मंडियों में सेब खरीद और लदान व्यवस्था की निगरानी बढ़ाई जाए तथा किसी भी प्रकार की अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए।
बागवानों ने सरकार से फसल नुकसान का उचित आकलन कर राहत देने, आवश्यक दवाइयां एवं सहायता उपलब्ध करवाने और सेब की उचित कीमत सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने चेताया कि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बागवान आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर हो सकते हैं।
सोलन : सेब बागवानों पर दोहरी मार, मंडी में गिरे दाम तो लदान शुल्क की वसूली ने बढ़ाई चिंता