पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों तथा इन पर लगाए जा रहे विभिन्न करों को लेकर बस ऑपरेटर संघ सोलन ने चिंता जताई है। संघ के प्रधान रघुविंद्र सिंह मेहता (जॉनी) ने कहा कि ईंधन पर लगने वाले भारी टैक्स का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है और इसके कारण आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में परिवहन व्यवस्था लोगों की जीवनरेखा है, क्योंकि यहां रेल नेटवर्क सीमित है और अधिकांश क्षेत्रों में सड़क परिवहन ही मुख्य साधन है। ऐसे में डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि का असर यातायात लागत के साथ-साथ दूध, सब्जियां, खाद्य सामग्री और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ता है।
रघुविंद्र सिंह मेहता के अनुसार वर्तमान में डीजल की कीमत लगभग 93.76 रुपये प्रति लीटर है, जिसमें करीब 34.70 रुपये विभिन्न करों के रूप में वसूले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि डीजल की मूल कीमत लगभग 59.27 रुपये है, जबकि इस पर केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी तथा राज्य सरकार वैट और सेस वसूल रही है।
इसी प्रकार पेट्रोल की कीमत में भी करों का बड़ा हिस्सा शामिल है। उनका कहना है कि पेट्रोल की मूल कीमत लगभग 44.15 रुपये प्रति लीटर है, जबकि विभिन्न करों के रूप में करीब 47.85 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है।
बस ऑपरेटर संघ ने केंद्र और राज्य सरकार से पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी, वैट और सेस में कमी करने की मांग की है। संघ का कहना है कि करों में राहत मिलने से परिवहन लागत कम होगी, महंगाई पर अंकुश लगेगा और आम लोगों को आर्थिक राहत मिल सकेगी। उन्होंने सरकारों से हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है।
सोलन : पेट्रोल-डीजल पर भारी कर से बढ़ रही महंगाई, टैक्स में कटौती करे सरकार: बस ऑपरेटर संघ