जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी मुक्त अभियान 2.0 के तहत व्यापक स्तर पर निक्षय कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग हाई रिस्क क्षेत्रों और संवेदनशील आबादी पर विशेष ध्यान देते हुए गांव-गांव जाकर लोगों की जांच कर रहा है।
उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में टीबी संक्रमण का खतरा अधिक माना गया है, वहां विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन कैंपों में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके लिए जिले में तीन हैंड-हेल्ड एक्सरे मशीनों की सहायता ली जा रही है, जिनसे मौके पर ही एक्सरे जांच संभव हो पा रही है। यदि किसी व्यक्ति के एक्सरे में संदिग्ध लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत उसका बलगम का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जा रहा है।
डॉ. अजय पाठक ने बताया कि अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निक्षय कैंप रविवार और राजपत्रित छुट्टियों के दिन भी आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि कामकाजी लोग भी अपनी जांच करवा सकें।
उन्होंने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को 10 दिन से अधिक खांसी, शाम के समय बुखार, रात में पसीना आना, अचानक वजन कम होना या शरीर में गांठ महसूस हो रही हो, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या निक्षय कैंप में जाकर जांच करवाएं।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय पर पहचान और उचित उपचार से ही टीबी जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है और सोलन को टीबी मुक्त बनाया जा सकता है।
सोलन: टीबी मुक्त सोलन अभियान को मिली रफ्तार, निक्षय कैंपों में हाई रिस्क आबादी की हो रही स्क्रीनिंग