सोलन शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए नगर निगम द्वारा पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) अभियान तेज़ी से चलाया जा रहा है। इस संबंध में डिप्टी डायरेक्टर डॉ. विवेक लांबा ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक अभियान के तहत 453 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है, जो शहर की कुल अनुमानित आबादी का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है।
उन्होंने बताया कि सोलन में आवारा कुत्तों की कुल संख्या करीब 1500 आंकी गई है और पूरी आबादी की नसबंदी में अभी लगभग एक वर्ष का समय लग सकता है। अभियान के तहत कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी और टीकाकरण किया जाता है, जिसके बाद उन्हें उसी स्थान पर छोड़ दिया जाता है, जहां से उन्हें पकड़ा गया था।
डॉ. लांबा के अनुसार, इस प्रक्रिया से कुत्तों के आक्रामक व्यवहार में कमी आएगी और डॉग बाइट की घटनाओं में भी गिरावट दर्ज होगी। उन्होंने कहा कि कुत्तों की प्रजनन क्षमता अधिक होने के कारण उनकी आबादी तेजी से बढ़ती है, लेकिन नसबंदी के बाद नई संतानों का जन्म रुक जाएगा, जिससे संख्या धीरे-धीरे स्थिर हो जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आबादी में तत्काल कमी नहीं आएगी, बल्कि एक से दो वर्षों के भीतर प्राकृतिक कारणों से संख्या में गिरावट देखने को मिलेगी। साथ ही उन्होंने इस अभियान को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यदि इसे बीच में रोका गया तो कुत्तों की संख्या दोबारा तेजी से बढ़ सकती है।
नगर निगम को उम्मीद है कि इस अभियान के सफल क्रियान्वयन से शहरवासियों को आवारा कुत्तों की समस्या से राहत मिलेगी।