सोलन में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा बनाए गए सोलन-शिमला और कालका-शिमला मार्ग पर अव्यवस्थित डाइवर्जन स्थानीय लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। सुकरून के दोरी दवाल क्षेत्र में सुरक्षित आवागमन की कोई ठोस व्यवस्था न होने के कारण बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग तक हाईवे की रेलिंग के बीच से गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासी रचित साहनी ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि यह लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
रचित साहनी ने हिमाचल सरकार, स्थानीय प्रशासन और NHAI से इस स्थान पर जल्द पुल निर्माण की मांग की है, ताकि इस खतरनाक स्थिति का स्थायी समाधान निकाला जा सके। उनका कहना है कि केवल चेतावनी देने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि संरचनात्मक सुधार जरूरी है। साथ ही उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे जल्दबाजी में अपनी जान जोखिम में न डालें। “सबर करिए, तेजी न करिए; सब्र से देर भली,” कहते हुए उन्होंने लोगों को सचेत किया कि कुछ मिनट बचाने के चक्कर में जिंदगी को खतरे में न डालें।
सोलन: एनएचएआई की लापरवाही और लोगों की जल्दबाजी बनी खतरा: सोलन में पुल निर्माण की उठी मांग