सोलन में बड़ा खुलासा: वाहन पंजीकरण में साइबर ठगी का भंडाफोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड भी बेनकाब

Major revelation in Solan: Cyber ​​fraud in vehicle registration busted, 6 accused arrested, mastermind also exposed

सोलन। जिला पुलिस सोलन ने वाहन पंजीकरण से जुड़े एक बड़े संगठित साइबर एवं दस्तावेजी धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि जांच में और बड़े नेटवर्क के खुलासे के संकेत मिल रहे हैं।

यह मामला 26 जनवरी 2026 को सामने आया, जब R&LA सोलन की अधिकारी डॉ. पूनम बंसल ने पुलिस अधीक्षक सोलन को शिकायत दी। जांच में खुलासा हुआ कि वाणिज्यिक वाहनों के पंजीकरण, लोडेड वेट में बदलाव और स्वामित्व हस्तांतरण में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा किया गया।

👉 कैसे हुआ फर्जीवाड़ा

जांच में पाया गया कि:

  • VAHAN पोर्टल के साथ छेड़छाड़ कर रिकॉर्ड बदले गए
  • बिना MVI निरीक्षण के वाहनों का पंजीकरण किया गया
  • फर्जी यूजर आईडी बनाकर सिस्टम में एंट्री की गई
  • सरकारी नेटवर्क के बाहर से लॉगिन कर अवैध कार्य किए गए

👉 मास्टरमाइंड कौन?

जांच में सामने आया कि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड
गौरव भारद्वाज (क्लर्क, RLA झंडूता) है।

  • उसने RLA सोलन के एडमिन क्रेडेंशियल्स का दुरुपयोग किया
  • “JITENTHA” और “DRPOONAM” नाम से फर्जी IDs बनाई
  • एजेंटों का नेटवर्क खड़ा कर करोड़ों का खेल किया

👉 गिरोह के मुख्य सदस्य (हाइलाइट)

पुलिस ने जिन 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया, वे हैं:

  • जितेन्द्र ठाकुर (RLA सोलन क्लर्क)
  • अनिल कुमार (बिलासपुर)
  • राज कुमार उर्फ सन्नी (ऊना)
  • जितेन्द्र कुमार (मंडी)
  • नरेश कुमार (बिलासपुर)
  • विकास सिंह उर्फ शालू (कांगड़ा)

👉 इसके अलावा, जांच में गौरव भारद्वाज की मुख्य भूमिका सामने आई है, जो इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था।

👉 कैसे चल रहा था खेल

  • एजेंटों के जरिए वाहन मालिकों से मोटी रकम वसूली जाती थी
  • बदले में:
    • लोडेड वेट बढ़ाया जाता
    • ओनरशिप बदली जाती
    • Hypothecation हटाई जाती
    • फर्जी तरीके से ट्रांसफर किए जाते

👉 करोड़ों का लेन-देन

पुलिस जांच में सामने आया कि:

  • आरोपी के खातों में करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ
  • यह संगठित आर्थिक अपराध और आपराधिक षड्यंत्र का बड़ा मामला है

👉 SIT ने संभाली जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सोलन ने
DSP अशोक चौहान के नेतृत्व में SIT गठित की, जिसने तकनीकी साक्ष्यों (IP लॉग, OTP, CDR) के आधार पर पूरा नेटवर्क उजागर किया।

👉 आगे क्या?

  • सभी आरोपियों को 4 अप्रैल 2026 को अदालत में पेश किया जा रहा है
  • पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है
  • और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है

जिला पुलिस सोलन का कहना है कि इस संगठित साइबर ठगी में शामिल हर व्यक्ति को कानून के तहत सख्त सजा दिलाई जाएगी।

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