सोलन: गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य व सुरक्षित प्रसव को सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न लाभकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के तहत मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमित रंजन तलवार ने विस्तृत जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए ‘जननी सुरक्षा योजना’ (JSY) प्रभावी रूप से लागू है। इस योजना के तहत बीपीएल, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने पर 1100 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है, जबकि घर पर प्रसव की स्थिति में 500 रुपये की सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि जिले में अब अधिकांश प्रसव अस्पतालों में ही हो रहे हैं, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आई है।
डॉ. तलवार ने बताया कि ‘जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम’ (JSSK) के तहत नवजात शिशु को जन्म से एक वर्ष तक अस्पताल में पूरी तरह निःशुल्क इलाज की सुविधा मिलती है। साथ ही प्रसूता को भी प्रसव के बाद एक वर्ष तक मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया जाता है, जिससे मां और बच्चे दोनों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को आयरन फॉलिक एसिड की 180 गोलियां दी जाती हैं और प्रसव के बाद भी आयरन व कैल्शियम की दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं। वहीं, पांच वर्ष तक के बच्चों को आयरन सिरप, पांच से दस वर्ष के बच्चों को आयरन फॉलिक एसिड की गोलियां तथा 10 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को स्कूलों में डब्ल्यूआईएफएस कार्यक्रम के तहत सप्लीमेंट दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाना तथा उन्हें सुरक्षित और स्वस्थ जीवन प्रदान करना है।
Byte- डॉ अमित रंजन तलवार ( जिला स्वास्थ्य अधिकारी)