सोलन: विश्व क्षय रोग (टीबी) दिवस के अवसर पर जिला टीबी सेल सोलन द्वारा जागरूकता बढ़ाने और नियंत्रण गतिविधियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और टीबी उन्मूलन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित किया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. पाठक ने बताया कि इस वर्ष विश्व टीबी दिवस की थीम “हां, हम टीबी का खात्मा कर सकते हैं” है। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए शीघ्र निदान, पूर्ण उपचार और सामुदायिक भागीदारी बेहद आवश्यक है। उन्होंने लोगों से “निक्षय मित्र” बनकर टीबी मरीजों को पोषण किट उपलब्ध कराने और अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।
उन्होंने जानकारी दी कि जिले में तीन हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से गांव-गांव में शिविर लगाकर जांच की जा रही है। इसके अलावा आशा वर्करों के जरिए घर-द्वार से ही बलगम के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, जिससे लोगों को सुविधा मिल रही है और बीमारी का समय रहते पता लगाया जा रहा है।
डॉ. पाठक ने टीबी से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर करने पर भी जोर देते हुए कहा कि यह एक पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है और शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर मरीज के ठीक होने की संभावना अधिक रहती है।
कार्यक्रम में बताया गया कि टीबी से होने वाली मृत्यु दर के मामले में सोलन जिला प्रदेश में सबसे कम है, जिसके लिए जिले को सम्मानित भी किया गया है। अंत में जिला टीबी सेल ने सभी से जागरूकता फैलाने और इस अभियान में सहयोग करने की अपील की।
सोलन: विश्व टीबी दिवस पर संगोष्ठी, उन्मूलन के लिए जनभागीदारी पर जोर; सोलन में सबसे कम मृत्यु दर