सोलन जिला को तपेदिक (टीबी) मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान तेज कर दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अजय पाठक ने बताया कि विभाग त्रिस्तरीय रणनीति के तहत स्क्रीनिंग, जांच और पोषण पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है, ताकि टीबी के मामलों की समय रहते पहचान और प्रभावी उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने जानकारी दी कि टीबी की रोकथाम के लिए संवेदनशील वर्गों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। इसके तहत गर्भवती महिलाएं, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, किडनी रोगी तथा कीमोथेरेपी ले रहे मरीजों की घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की जा रही है। जिन लोगों में टीबी के लक्षण पाए जाते हैं, उनका प्राथमिक स्तर पर बलगम परीक्षण किया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से जांच की जाती है और प्रत्येक संदिग्ध मरीज का यूडीएसटी टेस्ट भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए ‘कांटेक्ट ट्रेसिंग’ को अभियान का अहम हिस्सा बनाया गया है। इसके अंतर्गत टीबी मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उनकी जांच की जाती है तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट प्रदान किया जाता है।
सीएमओ ने बताया कि जिले में प्रतिवर्ष लगभग 2000 टीबी मरीज सामने आते हैं। मरीजों की बेहतर रिकवरी के लिए ‘निक्षय पोषण योजना’ के तहत आर्थिक सहायता के साथ-साथ राशन किट भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम जनता के सहयोग से सोलन को जल्द ही टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
सोलन को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग का अभियान तेज, त्रिस्तरीय रणनीति पर जोर