सोलन: हिमाचल प्रदेश का आगामी बजट 20 मार्च को विधानसभा में पेश होने जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार के इस बजट पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं। लगातार बढ़ती महंगाई, खराब सड़कों, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और बेरोजगारी जैसे मुद्दों के बीच आम जनता इस बजट से ठोस राहत की उम्मीद कर रही है। सोलन जिले में भी लोग खुलकर अपनी नाराजगी और उम्मीदें जाहिर कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब केवल घोषणाओं और वादों से काम नहीं चलेगा, बल्कि बजट में जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वाले फैसले होने चाहिए।
सोलन के निवासी रचित साहनी, ओजस, बबिता गुप्ता और कल्पना ठाकुर ने सरकार को साफ संदेश देते हुए कहा कि बजट में सबसे पहले स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़कों की बदहाल स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने चुनाव के समय की गई 10 गारंटियों को जल्द पूरा करने की मांग भी उठाई। युवाओं ने सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता, समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया और शिक्षण संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसलिंग सेंटर खोलने की जरूरत बताई। वहीं महिलाओं ने बढ़ती महंगाई पर नाराजगी जताते हुए रसोई गैस, खाद्य तेल, दालों और दवाइयों की कीमतों में राहत देने की मांग की। उन्होंने सरकार को चेताया कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई करना अब बेहद जरूरी हो गया है।
हिमाचल बजट से सोलन वासियों की सख्त उम्मीदें: महंगाई, बेरोजगारी और सड़कों पर सरकार को घेरा