सोलन और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों मटर की फसल मंडियों में बड़ी मात्रा में पहुंच रही है, लेकिन किसानों के चेहरे पर खुशी कम और चिंता ज्यादा दिखाई दे रही है। सोलन सब्जी मंडी के आढ़ती नरेंद्र ठाकुरने बताया कि बसाल, धरोट, देवठी, जोनाजी और मशवर जैसे इलाकों से इन दिनों मंडी में मटर की भारी आवक हो रही है, लेकिन इस बार फसल की गुणवत्ता उम्मीद के मुताबिक नहीं है। उन्होंने बताया कि सर्दियों में पर्याप्त बारिश न होने और अचानक बढ़ी गर्मी के कारण मटर की फसल समय से पहले तैयार हो गई। इसके चलते फलियों की गुणवत्ता कमजोर रह गई, जिसका सीधा असर बाजार भाव पर पड़ा है। मंडी में पंजाब से भी बड़ी मात्रा में मटर पहुंच रहा है, जिससे प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है। बाहरी क्षेत्रों से आ रही आपूर्ति के कारण सोलन और सिरमौर के किसानों को उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। कई किसानों की स्थिति ऐसी बन गई है कि उन्हें मजदूरी तक निकालना मुश्किल हो रहा है।नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि सोलन का मटर आमतौर पर दिल्ली, मुंबई और गुजरात के सूरत व अहमदाबाद जैसे बड़े बाजारों में भेजा जाता है। लेकिन इस बार गुणवत्ता कमजोर होने के कारण मटर लंबी दूरी तक सुरक्षित नहीं रह पा रहा और रास्ते में ही खराब हो जा रहा है।उन्होंने किसानों से अपील की कि मंडी में मटर लाने से पहले उसकी अच्छी तरह छंटाई करें। सूखी और खराब फलियों को अलग कर साफ-सुथरा मटर लाने से बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ सकती है। उनका कहना है कि मौसम भले साथ न दे रहा हो, लेकिन सही ग्रेडिंग के जरिए किसान अपने नुकसान को कुछ हद तक कम कर सकते हैं।