सोलन के व्यवसायी धर्मेंद्र ठाकुर ने इस वर्ष सर्दियों में बारिश और बर्फबारी न होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इस बार मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पहले जहां सर्दियों के मौसम में लगातार बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी होती थी, वहीं इस बार ठंड लगभग गायब रही और समय से पहले ही गर्मी का असर दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि मौसम के इस बदलाव का सीधा असर खेती-किसानी पर पड़ रहा है, जिससे किसान काफी परेशान और निराश नजर आ रहे हैं।
धर्मेंद्र ठाकुर ने बताया कि पानी की कमी के कारण टमाटर, मटर, प्याज, लहसुन और गेहूं जैसी प्रमुख फसलें प्रभावित हो रही हैं और कई फसलें समाप्ति की कगार पर पहुंच गई हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की खराब फसल का असर व्यापारी वर्ग पर भी पड़ रहा है, क्योंकि बाजार की रौनक और व्यापार काफी हद तक किसानों की अच्छी पैदावार पर निर्भर करता है। ठाकुर का मानना है कि इस स्थिति के लिए केवल ग्लोबल वार्मिंग को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है, बल्कि विकास के नाम पर हो रहा अंधाधुंध पेड़ों का कटान और पहाड़ों व नदियों में अवैज्ञानिक खनन भी इसके बड़े कारण हैं। उन्होंने समाज से अपील की कि लोग पेड़ों और हरियाली की रक्षा करें, क्योंकि यदि आज स्थिति ऐसी है तो आने वाले समय में भविष्य की पीढ़ियों को और भी गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है।
सर्दियों में बारिश न होने से फसलों पर संकट, सोलन के व्यवसायी धर्मेंद्र ठाकुर ने जताई चिंता