सोलन: राज्य बीज परीक्षण प्रयोगशाला में बीजों की गुणवत्ता जांच की वैज्ञानिक प्रक्रिया

सोलन स्थित राज्य बीज परीक्षण प्रयोगशाला में किसानों तक उच्च गुणवत्ता वाले बीज पहुंचाने के लिए वैज्ञानिक तरीकों से बीजों की जांच की जाती है। राज्य बीज परीक्षण प्रयोगशाला की सहायक बीज परीक्षण अधिकारी डॉ. ऋतु सूद ने प्रयोगशाला की कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।डॉ. ऋतु सूद ने बताया कि प्रयोगशाला में बीजों के नमूने तीन स्रोतों से प्राप्त होते हैं। इनमें सीधे किसानों द्वारा लाए गए बीज, विभागीय बीज निरीक्षकों द्वारा बाजार से एकत्र किए गए नमूने तथा सरकारी फार्मों जैसे चंबाघाट स्थित बेटी फार्म, मझोली फार्म और सिरमौर के फार्मों से आए बीज शामिल हैं। जांच की शुरुआत बीजों की भौतिक शुद्धता (फिजिकल प्योरिटी) से की जाती है। गेहूं के बीजों के लिए न्यूनतम 98 प्रतिशत शुद्धता अनिवार्य है, इससे कम पाए जाने पर सैंपल को अस्वीकृत कर दिया जाता है।भौतिक शुद्धता में पास होने के बाद बीजों का अंकुरण परीक्षण किया जाता है। इसके लिए बॉटम ऑफ द पेपर और टॉप ऑफ द पेपर विधियां अपनाई जाती हैं। सीड जर्मिनेटर में तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता 85 प्रतिशत रखी जाती है। गेहूं के लिए न्यूनतम 85 प्रतिशत अंकुरण आवश्यक है। धान जैसे कठोर बीजों के लिए विशेष प्रक्रिया अपनाई जाती है। अंत में परिणामों के आधार पर बीजों को वर्गीकृत कर पूरा रिकॉर्ड दर्ज किया जाता है, ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हो सकें।

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