सोलन में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के अध्यक्ष जगदीश चंद्र भारद्वाज ने पत्रकारों से बातचीत में केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा हमला बोलते हुए 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर होने वाली इस हड़ताल में सरकारी, सार्वजनिक उपक्रमों के साथ-साथ निजी क्षेत्र के कर्मचारी भी शामिल होंगे। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने मजदूरों के 100 वर्षों के संघर्ष से बने श्रम कानूनों को खत्म कर कोरोना काल में बिना चर्चा के नई श्रम संहिताएं लागू कर दीं, जो पूरी तरह से पूंजीपतियों और कॉरपोरेट घरानों के हित में हैं। यूनियनों की मुख्य मांग है कि नई लेबर कोड्स को रद्द कर पुराने श्रम कानून बहाल किए जाएं।अध्यक्ष जगदीश चंद्र भारद्वाज प्रेस वार्ता में हिमाचल प्रदेश के करीब 60 हजार आउटसोर्स और मल्टीटास्क कर्मचारियों के शोषण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि मजदूरों को 4,500 से 5,000 रुपये तक का अल्प वेतन दिया जा रहा है, जो न्यूनतम वेतन के मानकों के खिलाफ है। इसके अलावा मनरेगा में फंडिंग पैटर्न बदलने, बिजली के निजीकरण और स्मार्ट मीटरों से बढ़ते बिजली बिलों का भी विरोध किया गया। भारद्वाज ने बताया कि 12 फरवरी को सोलन में मजदूर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के पास एकत्र होकर शहर में मार्च करते हुए बाईपास तक प्रदर्शन करेंगे, जबकि हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नीतियां नहीं बदलीं तो यह आंदोलन किसान आंदोलन की तर्ज पर और तेज किया जाएगा।