सोलन के सपरून शिव मंदिर में शिवरात्रि की तैयारियां जोरों पर, भक्तों ने दिया नशे से दूर रहने का संदेश

महाशिवरात्रि के पावन पर्व को लेकर सोलन के शिवालयों में रौनक बढ़ने लगी है। सोलन के सपरून स्थित प्राचीन शिव मंदिर में शिवरात्रि की तैयारियां जोरों पर हैं और भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिर परिसर को सजाया जा रहा है और पूजा-अर्चना के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर मंदिर में मौजूद भक्त देव आनंद गौतम, राजेश शर्मा और ममता गौतम ने महाशिवरात्रि के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज और विशेषकर युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
भक्त देव आनंद गौतम ने कहा कि महाशिवरात्रि हमारी सनातन संस्कृति का प्रमुख त्योहार है, जिसका हर शिवभक्त वर्ष भर इंतजार करता है। शिवरात्रि से पहले ही मंदिरों में भक्तों की आवाजाही बढ़ जाती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि भोले बाबा के प्रसाद का दुरुपयोग न करें। भांग और धतूरा भगवान शिव से जुड़ा प्रसाद है, लेकिन इसका प्रयोग नशे के रूप में करना गलत है। भगवान शिव विष को हरने वाले हैं, इसलिए उनके प्रसाद को श्रद्धा भाव से ही ग्रहण करना चाहिए।
सोलन निवासी राजेश शर्मा ने कहा कि शिवरात्रि पर मंदिरों में एक अलग ही आनंद और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में यह नियम बनाएं कि समय मिलने पर सुबह या शाम मंदिर अवश्य जाएं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण लोग मंदिरों से दूर हो रहे हैं, जबकि मंदिर आने से मानसिक शांति मिलती है और तनाव कम होता है। नशे के विषय पर उन्होंने कहा कि भांग से दूरी बनाए रखना ही बेहतर है और शिव भक्ति में बेलपत्र चढ़ाना चाहिए, जो औषधीय गुणों से भरपूर होता है।
वहीं ममता गौतम ने बताया कि महाशिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का पर्व है। इस दिन व्रत, पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन का विशेष महत्व होता है और अगले दिन भंडारे का आयोजन किया जाता है। उन्होंने सपरून शिव मंदिर की महिमा बताते हुए कहा कि यहां 24 घंटे और पांचों पहर पूजा होती है, जहां भक्त निसंकोच अपने मन की बात भगवान के सामने रख सकते हैं। उन्होंने भी भांग को नशे के रूप में प्रयोग न करने की सलाह देते हुए कहा कि “एक लोटा जल, सारी समस्या का हल” — यदि श्रद्धा से जल चढ़ाया जाए तो शिव कृपा अवश्य मिलती है।
महाशिवरात्रि को लेकर सपरून शिव मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक संदेश का सुंदर संगम देखने को मिल रहा है, जहां भक्ति के साथ-साथ नशा मुक्त समाज का आह्वान भी किया जा रहा है।

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