सोलन जिला में कोटपा (सिगरेट्स एंड अदर टोबेको प्रोडक्ट्स एक्ट) और एनटीसीपी के तहत आयोजित विशेष कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने तंबाकू नियंत्रण कानूनों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिगरेट और बीड़ी बेचने वाले सभी विक्रेताओं का पंजीकरण अनिवार्य है। शहरी क्षेत्रों में विक्रेताओं को म्युनिसिपल कमेटी या म्युनिसिपल कॉरपोरेशन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत के साथ पंजीकरण कराना होगा। यह प्रक्रिया सरल है और पंचायत स्तर पर ही लाइसेंस जारी किया जाएगा। इसका उद्देश्य जिले में तंबाकू उत्पादों की बिक्री को पूरी तरह नियमानुसार बनाना है।
डॉ. पाठक ने बताया कि कोटपा अधिनियम के तहत सिगरेट का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विज्ञापन प्रतिबंधित है, स्कूल-कॉलेजों के 100 गज के दायरे में बिक्री पर रोक है और खुली सिगरेट बेचना गैरकानूनी है। उन्होंने चेताया कि एक सिगरेट में करीब 4000 रसायन होते हैं, जिनमें 40 कैंसरकारक हैं, जो सिर से पैर तक शरीर के हर अंग को नुकसान पहुंचाते हैं। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान को अपराध बताते हुए उन्होंने माता-पिता से बच्चों के सामने धूम्रपान न करने की अपील की और नशे को “छलावा” करार देते हुए समाज से इसके त्याग का आह्वान किया।
सोलन में सिगरेट-बीड़ी विक्रेताओं का पंजीकरण अनिवार्य, कोटपा नियमों पर सीएमओ ने दी सख्त चेतावनी