सीबीएसई पैटर्न पर संचालित होने वाले सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर उच्च शिक्षा उप-निदेशक गोपाल सिंह चौहान ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने बताया कि इन स्कूलों के लिए किसी भी प्रकार की नई भर्ती नहीं की जाएगी, बल्कि शिक्षा विभाग में पहले से कार्यरत शिक्षकों को ही एक परीक्षा पास करनी होगी। गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि यह परीक्षा विभागीय परीक्षाओं की तर्ज पर आयोजित की जाएगी और इसका उद्देश्य शिक्षकों की विषयगत दक्षता का आकलन करना है। परीक्षा में शिक्षकों को अपने-अपने विषय से संबंधित प्रश्न हल करने होंगे और पास होने के लिए 100 में से न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यह परीक्षा हिमाचल प्रदेश बोर्ड द्वारा आयोजित की जाएगी, जबकि इसका सिलेबस पहले ही अधिसूचित किया जा चुका है। यह प्रक्रिया जेबीटी, टीजीटी, सीएंडवी, लेक्चरर से लेकर प्रिंसिपल और स्कूल हेड तक सभी श्रेणियों के शिक्षकों पर लागू होगी।
उप-निदेशक ने जानकारी दी कि इस परीक्षा का आयोजन फरवरी के अंत या मार्च के पहले सप्ताह में किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य अप्रैल से सीबीएसई सत्र की शुरुआत करना है और उन्होंने स्पष्ट किया कि सीबीएसई स्कूलों में वही स्टाफ तैनात होगा, जो इस परीक्षा को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करेगा। इसके अलावा, गणित और अंग्रेजी विषयों के लिए पांच वर्षों की अवधि के लिए विशेष इंस्ट्रक्टर अलग से नियुक्त किए जाएंगे। इसके लिए चयन बोर्ड हमीरपुर द्वारा सैकड़ों पदों की अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है और यह पूरी भर्ती प्रक्रिया अप्रैल तक पूरी कर ली जाएगी, ताकि स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां सुचारू रूप से शुरू हो सकें।