सोलन के साईं संजीवनी हॉस्पिटल में मुख्यमंत्री द्वारा चलाए जा रहे ‘एंटी चिट्टा स्पेशल कैंपेन’ के अंतर्गत एक विशेष कार्यशाला एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीएमओ सोलन डॉ. अजय पाठक उपस्थित रहे। उन्होंने नशे के बढ़ते खतरे पर चिंता जताते हुए इसके दुष्प्रभावों और बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ. पाठक ने कहा कि नशा अक्सर शौक और देखादेखी में शुरू होता है। सिगरेट, शराब या भांग जैसे ‘गेटवे ड्रग्स’ से शुरुआत कर व्यक्ति धीरे-धीरे दुरुपयोग और फिर लत का शिकार हो जाता है। उन्होंने बताया कि नशा कुछ समय के लिए ही झूठा सुख देता है, बाद में व्यक्ति सामान्य रहने के लिए भी नशा करने पर मजबूर हो जाता है।
कवि सम्मेलन के माध्यम से समाज को जागरूक करने की अनूठी पहल की गई। डॉ. पाठक ने कहा कि कविता की आवाज दूर तक जाती है और इससे नशे के खिलाफ संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के व्यवहार में आए बदलावों पर ध्यान दें। पढ़ाई में गिरावट, अकेले रहना, अधिक पैसे मांगना या साफ-सफाई में लापरवाही जैसे संकेतों को नजरअंदाज न करें।
डॉ. पाठक ने कहा कि नशे से मुक्ति के लिए परिवार का सहयोग सबसे अहम है। घर में अच्छा माहौल, साथ बैठकर भोजन, बातचीत और खेलकूद को बढ़ावा देकर ही बच्चों को सही दिशा दी जा सकती है।