हौसलों की उड़ान: सोलन की बेटी आस्था ने जीती HAS की जंग

A flight of determination: Aastha, a daughter of Solan, wins the HAS exam.

लगन, मेहनत और सकारात्मक सोच से पाई HAS में सफलता

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले की बेटी आस्था पवार ने हिमाचल प्रशासनिक सेवा (HAS) परीक्षा उत्तीर्ण कर खंड विकास अधिकारी (BDO) के पद पर चयनित होकर न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि प्रदेश की युवा पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा भी बन गई हैं। उनकी यह उपलब्धि निरंतर प्रयास, दृढ़ संकल्प और सेवा भाव का प्रतीक है। आस्था की इस कामयाबी में सोलन के Azilite Coaching Institute Solan  ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सात साल की कठिन तपस्या

आस्था की सफलता की कहानी 2018 से शुरू होती है, जब उन्होंने स्नातक के बाद अपनी परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। 2020 से उन्होंने मेन्स परीक्षाएं क्लियर करना शुरू किया और निरंतर प्रयास करते हुए हाल ही में एलाइड परीक्षा भी पास कर ली। अप्रैल 2023 से पिछले ढाई साल तक वे सोलन की परशुराम लाइब्रेरी में नियमित रूप से पढ़ाई करती रहीं।

अपनी तैयारी के सफर को याद करते हुए आस्था ने ईमानदारी से स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें भी लगा कि बहुत समय है और कुछ समय बर्बाद हुआ, लेकिन हर असफलता ने उन्हें और गंभीर बना दिया। उन्होंने अपनी गलतियों से सीखा और निरंतर आगे बढ़ती रहीं।

सफलता का मूलमंत्र: बेसिक्स और कॉन्सेप्चुअल क्लैरिटी

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सलाह देते हुए आस्था ने ‘बेसिक्स’ पर जोर दिया। उनका मानना है कि परीक्षा के स्टैटिक पार्ट, जैसे कि पॉलिटी, जीके और अन्य निश्चित विषयों पर वैचारिक स्पष्टता बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “करंट अफेयर्स तो बदलते रहते हैं, लेकिन जो प्रश्न पॉलिटी से पूछे जाते हैं, वे निश्चित होते हैं और उनमें गलती नहीं होनी चाहिए।”

आस्था का मानना है कि असली प्रतिस्पर्धा बाहर के उम्मीदवारों से नहीं, बल्कि खुद से है। उन्होंने कहा कि अंदरूनी प्रेरणा (Internal Motivation) ही सफलता की असली कुंजी है।

परिवार से मिली सेवा भाव की प्रेरणा

आस्था के सिविल सेवाओं में जाने के सपने की नींव उनके परिवार में पड़ी। उनके दादा जी सेवानिवृत्त जिला कल्याण अधिकारी रहे हैं और ताया जी IRS अधिकारी हैं। बचपन से ही उन्होंने देखा कि कैसे उनके दादा जी ने लोगों की मदद की, नौकरी दिलवाई और शिक्षा में सहयोग किया। यही सेवा भाव उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा बनी।

जमीनी स्तर पर जनसेवा का संकल्प

आस्था का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर (Grassroot level) पर रहकर जनकल्याण के कार्य करना है। इसी कारण वे BDO के पद को लेकर बेहद उत्साहित हैं क्योंकि यह पद सीधे जनता से जुड़ा होता है और नीतियों को धरातल पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भविष्य में वे SDM (Sub-Divisional Magistrate) बनने का भी लक्ष्य रखती हैं।

युवाओं के लिए प्रेरक संदेश

आस्था ने युवाओं को तीन महत्वपूर्ण संदेश दिए:

पहला, जिज्ञासु बनें (Be Curious) – हर चीज को सीखने की ललक रखें।

दूसरा, अपने आप से ईमानदार रहें – अपनी कमजोरियों को स्वीकार करें और उन पर काम करें।

तीसरा, सकारात्मक सेल्फ टॉक बनाए रखें – अपने आप को प्रेरित करते रहें और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहें।


आस्था पवार की यह सफलता की कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष कर रहा है। उनकी मेहनत, लगन और सकारात्मक दृष्टिकोण यह साबित करता है कि निरंतर प्रयास और सही रणनीति से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

सोलन जिला और पूरा हिमाचल प्रदेश आस्था पवार पर गर्व करता है और उम्मीद करता है कि वे अपनी सेवाओं से समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगी।

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