सोलन पुलिस की बड़ी कार्रवाई: वर्षों से नशे के अवैध कारोबार में लिप्त तस्कर के खिलाफ सख्त एक्शन

Solan Police take major action: Strict measures taken against a smuggler involved in the illegal drug trade for years.

नशा तस्करी का काला धंधा: 6.77 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त, आरोपी के आलीशान मकान, रेस्टोरेंट और JCB सब पर पुलिस का शिकंजा

सोलन, हिमाचल प्रदेश – जिला सोलन पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करते हुए एक कुख्यात नशा तस्कर धनी राम की कुल 6 करोड़ 77 लाख रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति को सीज कर दिया है। यह कार्रवाई 2018 से चल रहे दो अलग-अलग NDPS मामलों में वित्तीय जांच के बाद की गई है।

2018 का मामला: शुरुआत थी, अंत नहीं

दिनांक 22 अगस्त 2018 को थाना धर्मपुर पुलिस ने 62 वर्षीय धनी राम पुत्र तिखु राम, निवासी जाडली को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से 736 ग्राम चरस, 82 ग्राम अफीम और नकद 1 लाख रुपये बरामद किए गए थे। इस मामले में थाना धर्मपुर में अभियोग संख्या 108/2018 धारा 18, 20 NDPS Act के तहत दर्ज किया गया और 3 अप्रैल 2019 को आरोपपत्र अदालत में पेश किया गया, जो अभी विचाराधीन है।

वित्तीय जांच में खुली पोल

इस मामले की वित्तीय जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए। पता चला कि धनी राम लंबे समय से नशा तस्करी के कारोबार में संलिप्त था और योजनाबद्ध तरीके से अपने चुनिंदा ग्राहकों को चरस तथा अफीम की सप्लाई करता था।

वर्ष 2018 के दौरान आरोपी ने नशे की अवैध कमाई से अपने पुत्रों संजीव कुमार व नीलम कुमार के नाम दो LMV गाड़ियां और एक टिप्पर खरीदे थे, जबकि उसके पास कोई वैध व्यवसाय नहीं था।

इस पुराने मामले में अब तक करीब 43 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।


2025 का मामला: और बड़ा पर्दाफाश

वर्तमान में धनी राम अभियोग संख्या 0061/2025 दिनांक 18 सितंबर 2025, थाना कुनिहार के तहत जेल में बंद है। इस मामले में उसके कब्जे से कुल 1.622 किलोग्राम चरस और 1.624 किलोग्राम अफीम बरामद हुई थी – जो 2018 के मामले से कई गुना अधिक है।

6.34 करोड़ की संपत्ति का भंडाफोड़

इस मामले में की गई वित्तीय जांच ने नशे के काले धंधे से कमाई गई अकूत संपत्ति का खुलासा किया। आरोपी और उसके परिजनों के नाम पर अर्जित की गई 6 करोड़ 34 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति को सीज/फ्रीज कर दिया गया है, जिसमें शामिल हैं:

  • आलीशान मकान
  • रेस्टोरेंट और होम स्टे
  • कमर्शियल व्हीकल्स (JCB सहित)
  • अन्य वाहन
  • सोने के आभूषण
  • बैंक खातों में जमा नकदी

इस अवैध संपत्ति की जब्ती को सक्षम प्राधिकारी नई दिल्ली ने कन्फर्म करके आदेश पारित किए हैं।


एक नहीं, कई मामलों में फंसा आरोपी

धनी राम के खिलाफ नशा तस्करी के अलावा अन्य गंभीर मामले भी दर्ज हैं:

  • NDPS Act के तहत थाना अर्की में चरस तस्करी का एक अन्य मामला
  • महिलाओं के प्रति क्रूरता और छेड़छाड़ के दो आपराधिक मामले

यह स्पष्ट करता है कि यह व्यक्ति न केवल नशे के काले कारोबार में लिप्त था, बल्कि समाज के लिए कई मोर्चों पर खतरा था।


सोलन पुलिस का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड

जिला सोलन पुलिस निरंतर नशा तस्करों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर रही है और उनके सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं।

पिछले लगभग सवा साल में NDPS Act के तहत वित्तीय जांच में सोलन पुलिस द्वारा:

  • 39 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
  • 15.60 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्ति जब्त

यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सोलन पुलिस न केवल नशा तस्करों को पकड़ रही है, बल्कि उनकी अवैध कमाई को भी जब्त कर इस काले धंधे की जड़ें खोद रही है।


विश्लेषण: क्यों जरूरी है वित्तीय जांच?

पारंपरिक कार्रवाई की सीमाएं

नशा तस्करी के मामलों में आमतौर पर सिर्फ गिरफ्तारी और नशीले पदार्थों की बरामदगी होती है। लेकिन असली तस्कर जमानत पर बाहर आ जाते हैं और फिर से उसी धंधे में लग जाते हैं क्योंकि उनके पास पैसा और साधन मौजूद रहते हैं।

वित्तीय जांच का प्रभाव

धनी राम के मामले से साफ है कि:

  1. 2018 में पकड़ा गया लेकिन धंधा जारी रखा
  2. 2025 में और बड़ी मात्रा में नशा पकड़ा गया
  3. इस बीच उसने करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली

लेकिन अब वित्तीय जांच के बाद:

  • उसकी पूरी संपत्ति जब्त
  • व्यापार चलाने के साधन खत्म
  • परिवार के सदस्यों के नाम की संपत्ति भी जब्त
  • दोबारा धंधा शुरू करने की क्षमता खत्म

संदेश साफ है

सोलन पुलिस की यह कार्रवाई नशा तस्करों के लिए एक स्पष्ट संदेश है – “नशे का काला धंधा करके कमाई गई हर एक पाई छीन ली जाएगी।”

जो लोग युवाओं की जिंदगी बर्बाद करके अपने लिए आलीशान मकान, रेस्टोरेंट और महंगी गाड़ियां खरीद रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि कानून का हाथ लंबा है और देर-सबेर उनकी अवैध कमाई जब्त होगी।


आगे की राह

सोलन पुलिस का यह दृष्टिकोण अनुकरणीय है। सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि:

  • गहन वित्तीय जांच
  • अवैध संपत्ति की पहचान
  • जब्ती की कार्रवाई
  • सक्षम प्राधिकारी से पुष्टि

यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि तस्कर फिर से धंधा शुरू न कर सकें।

15.60 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्ती यह दर्शाती है कि हिमाचल में नशा तस्करी का नेटवर्क कितना बड़ा है, लेकिन साथ ही यह भी दिखाती है कि प्रशासन इस खिलाफ कितनी गंभीरता से काम कर रहा है।


नशे के खिलाफ यह लड़ाई जारी रहेगी और हर वो व्यक्ति जो इस काले धंधे से मुनाफा कमा रहा है, कानून के कठघरे में खड़ा होगा।


यदि आपको किसी नशा तस्कर या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। आपकी एक सूचना कई युवाओं की जिंदगी बचा सकती है।

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