सोलन: राष्ट्रीय खुम्ब अनुसंधान केंद्र, सोलन में तैनात वैज्ञानिक डॉ. रितु वर्मा ने मेडिसिनल मशरूम के महत्व पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए कहा कि ये मशरूम सामान्य खाद्य पदार्थों से बिल्कुल अलग हैं। उन्होंने बताया कि जहां सामान्य आहार केवल पोषण देता है, वहीं मेडिसिनल मशरूम में मौजूद विशेष बायोएक्टिव कंपाउंड्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होते हैं। चीन और जापान में इनका औषधीय उपयोग प्राचीन समय से होता आ रहा है, जबकि भारत में इन पर शोध जारी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि ‘टर्की टेल’ मशरूम में एंटी-कैंसर गुण पाए जाते हैं, वहीं ‘हिरेशियम’ मशरूम नसों से संबंधित बीमारियों के उपचार में लाभदायक हो सकता है।वैज्ञानिक डॉ. रितु वर्मा ने स्पष्ट कहा कि भारत में अभी तक विस्तृत क्लीनिकल स्टडीज और ह्यूमन ट्रायल्स पूरे नहीं हुए हैं, इसलिए फिलहाल इसकी निश्चित दैनिक खुराक की सिफारिश करना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि कैंसर और डायबिटीज से संबंधित सेल लाइन्स पर शोध के सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद ही मानव परीक्षण आगे बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने जानकारी दी कि मेडिकल डॉक्टरों के साथ मिलकर इस दिशा में सहयोग शुरू हो चुका है। उन्होंने सुझाव दिया कि खाने योग्य मेडिसिनल मशरूम को लोग संतुलित मात्रा में अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं, लेकिन चिकित्सकीय खुराक के लिए अभी और वैज्ञानिक प्रमाणों की जरूरत है।