धर्मशाला। आज सुबह हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खु का एक अलग ही रूप देखने को मिला, जब वह एक आम इंसान की तरह धर्मशाला में मॉर्निंग वॉक पर निकले। लेकिन सुबह-सुबह भी मुख्यमंत्री जनसेवा और जनकल्याण के अपने संकल्प से नहीं हटे और लोगों से मिलकर सरकार की योजनाओं के बारे में बातचीत करते रहे। यह घटना साबित करती है कि मुख्यमंत्री सुक्खु दिन हो या रात, केवल हिमाचलवासियों की चिंता और उनकी भलाई के बारे में सोचते रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने आज सुबह धर्मशाला के कचहरी बाजार में सब्जी विक्रेता अमरजोत कौर से बातचीत की। उन्होंने बताया कि एक वर्ष पूर्व भी उनसे मुलाकात हुई थी और उसी दौरान छोटे दुकानदार भाई-बहनों की समस्याओं को समझते हुए उनके लिए ऋण माफी योजना लाई गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये छोटे दुकानदार हमारी अर्थव्यवस्था की नींव हैं और इनकी सहायता के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करती रहेगी। उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि वह इन छोटे कारोबारियों की मुश्किलों को अच्छी तरह समझते हैं।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने कचहरी चौक की वर्षाशालिका में बैठी एक बेटी, राहगीरों और स्थानीय लोगों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि जीवन में छोटी-छोटी बातें बहुत मायने रखती हैं। यही छोटी बातें हमें सिखाती हैं कि नीतियां और योजनाएं तभी सार्थक हैं जब वे सीधे लोगों के जीवन में बदलाव लाएं और उनकी समस्याओं का वास्तविक समाधान करें।
मुख्यमंत्री का यह सहज और सरल व्यवहार स्थानीय लोगों के बीच काफी सराहनीय रहा। लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री का आम लोगों के बीच आना और उनसे सीधे संवाद करना दर्शाता है कि वह जमीनी हकीकत से जुड़े हुए हैं। उनका यह कदम प्रदेश के हर नागरिक को प्रेरणा देता है कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी बेहतरी के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खु की यह पहल यह संदेश देती है कि वास्तविक नेतृत्व वही है जो जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझे और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहे। उनकी यह सादगी और जनसंपर्क की शैली हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक नई मिसाल कायम कर रही है।