सहकारी सप्ताह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दे रहा मजबूती, पारदर्शिता और विकास को नई दिशा — स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल

72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के अवसर पर सोलन सहित प्रदेशभर में सहकारिता से जुड़ी गतिविधियां तेज हो गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी संस्थाओं की भूमिका को लेकर जन भागीदारी बढ़ी है, जिससे गांव की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक सुधार दिख रहे हैं। सहकारी तंत्र के माध्यम से लोगों को साहूकारों के चंगुल से मुक्ति मिल रही है, वहीं पारदर्शी नियमों के तहत ऋण उपलब्ध होने से ग्रामीणों का विश्वास भी बढ़ा है। कृषि और दुग्ध उत्पादन जैसे क्षेत्रों में सहकारी समितियां किसानों को बेहतर सेवाएं और समय पर भुगतान उपलब्ध करवाकर उनकी आय को स्थिर कर रही हैं।

इसी संदर्भ में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने बताया कि सहकारिता न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करती है, बल्कि सामाजिक मजबूत ढांचा भी तैयार करती है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन से महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण बढ़ा है, क्योंकि बड़ी संख्या में महिला समूह इससे जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

डॉ. शांडिल ने बताया कि सहकारी संस्थाओं की स्थिरता अत्यंत महत्वपूर्ण है। जुगाट बैंक जैसी संस्थाओं को पटरी पर लाने के प्रयास जारी हैं ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो और उन्हें उनके धन की सुरक्षा का पूरा भरोसा मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार सहकारिता को जन-जन का आंदोलन बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *